पढ़ो और आगे बढ़ो लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप जुलाई 19, 2019 ठहर कर देखना पड़ता है कितनी दूर है मंजिल इस ठहराव को बुजदिल हमारी हार कहते हैं। महरूम-ए-हकीकत हैं साहिल के तमाशाई हम डूब कर समझे हैं दरियाव की गहराई। और पढ़ें