Lockdown ke lekh

नेता सरकार नहीं होता। और नेता अगर भाजपा का हो तब तो बिल्कुल नहीं होता। सरकार होती है ब्यूरोक्रेसी। वह स्थायी सरकार है। ऊपर से नेता बदलते रहते हैं लेकिन अंदरखाने वही ब्यूरोक्रेसी सरकार बनी रहती है।

और ब्युरोक्रेट क्या होता है इसे इस बात से समझ जाइये कि उसकी स्थापना ब्रिटिश हूकूमत ने लोगों को लूटने के लिए किया था। ब्रिटिश हुकूमत चली गयी, लेकिन ब्यूरोक्रेसी का मैनुआल आज भी वही है। वह सेवक नहीं, शासक होता है। एक अदने से कानूनगो से लेकर चीफ सेक्रेटरी तक। सब के सब अपने आप को शासक समझते हैं और जनता को अपनी रियासत जिसको मार पीटकर उन्हें ठीक रखना है।

इसलिए यह मत देखिए कि ऊपर कौन बैठा है। यह देखिए कि नीचे काम कौन कर रहा है। और जो काम कर रहा है उसके जीवन का एकमात्र सिद्घांत होता है कि काम नहीं करना है।

इसलिए सरकारों को गाली देते समय, उसकी आलोचना करते समय जरा भी संकोच मत करिए। क्योंकि आप किसी नेता को नहीं बल्कि उस ब्रिटिश मॉडल वाली नौकरशाही को गाली दे रहे हैं जो जनता का खून चूसने में महारत रखती है।
Rajnish mishra

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